दुनियाभर में कोरोनावायरस(Corona virus) का कहर जारी है और इस बीच इस वायरस की उत्पत्ति को लेकर भी कई शोध हो रहे हैं. अब महाराष्ट्र की एक वैज्ञानिक दंपती ने अपने शोध में दावा किया है कि कोरोनावायरस लैब से पैदा हुआ है न कि 'सी-फूड मार्किट से.' जबकि चीन का दावा है कि वायरस वेट मार्किट में ही पैदा हुआ.
महाराष्ट्र के डॉ. राहुल बाहुलिकर और डॉ. मोनाली राहलकर ने अप्रैल 2020 में अपना शोध शुरू किया था जिसके बाद उन्होंने पाया कि सार्स-सीओवी-2 से संबंधी आरएटीजी 13 को साउथ चाइना के युन्नान के गुफाओं से इकट्ठा किया गया था. आरएटीजी13 भी कोरोना वायरस है जिसे वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ले जाया गया. शोध में कहा गया है कि उस गुफा में चमगादड़ों की भरमार थी और उसकी सफाई के लिए 6 खनिक रखे गए थे जिनको निमोनिया हो गया था.
शोध के मुताबिक वुहान में कई लैब इस वायरस पर प्रयोग कर रहे थे और इस बात की आशंका है कि उन्होंनें वायरस के जीनोम में बदलाव किए जिसके बाद कोरोनावायरस की उत्पत्ति हुई.