शहरों के बाद अब गावों में भी कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) का असर तेज होते जा रहा है, शनिवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी (Narendra Modi) ने भी गांवों में डोर टू डोर टेस्टिंग और सर्विलांस पर फोकस करने की बात कही.
इसी के साथ रविवार को सरकार ने गांवों के लिए अलग से गाइडलाइन जारी कर दी, ताकि संक्रमण को गांवों में फैलने से रोका जा सके...तो क्या है नई गाइडलाइंस और क्या रहेगी आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका जानें यहां-
1. हर गांव में जुकाम-बुखार के मामलों की निगरानी आशा वर्कर्स करें. इनके साथ हेल्थ सैनिटाइजेशन और न्यूट्रिशन कमेटी भी रहेगी.
2. कोरोना लक्षण वाले शख्स की कम्युनिटी हेल्थ अफसर देखभाल करेंगे. गंभीर संक्रमितों या ऑक्सीजन लेवल घटने के केस बड़े स्वास्थ्य संस्थान भेजे जाएं.
3. जुकाम-बुखार और सांस संबंधित इन्फेक्शन के लिए हर उपकेंद्र पर OPD एक्टिव रहे.
4. कोरोना लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड एंटीजन टेस्टिंग (RAT) हो
किसी केंद्र पर टेस्ट सुविधा न होने पर सैंपल को नजदीकी कोविड सेंटर्स में भेजा जाए.
5. हर स्वास्थ्य केंद्र और उप केंद्र पर RAT की किट उपलब्ध कराई जाए. स्वास्थ्य अधिकारियों और ANM को भी RAT की ट्रेनिंग दी जाए.
6. टेस्ट होने के बाद रिपोर्ट आने तक मरीज को आइसोलेट रहने की सलाह दी जाए.
7. संक्रमितों के संपर्क में आने वालों को भी टेस्ट कराने और क्वारंटीन रहने की सलाह.
8. ICMR की गाइडलाइंस के हिसाब से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए.
9. होम आइसोलेशन के दौरान मरीज केंद्र की मौजूदा गाइडलाइंस का पालन करें.
10. हर गांव में पर्याप्त मात्रा में पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की आपूर्ति हो
11. क्वारंटीन और होम आइसोलेशन वाले मरीजों की लगातार जानकारी ली जाए.
12. फ्रंट लाइन वर्कर्स, स्वयंसेवी और शिक्षक इस जिम्मेदारी को संभालें.
13. होम आइसोलेशन किट मुहैया कराई जाए और सावधानियों के बारे में बताया जाए.
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