New Parliament Building: देश के नए संसद भवन की नींव 10 दिसंबर 2020 को रखी गई थी. जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 28 मई को किया था. नए संसद भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स (Tata Projects) ने रिकॉर्ड समय से पहले ही कर लिया था. यह केंद्र की सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजनाओं (Central Vista Redevelopment Plans) का एक हिस्सा था. नया संसद बनाने में करीब 1200 करोड़ रुपए खर्च आया है. इसकी डिजाइनिंग गुजरात स्थित एक आर्किटेक्चर फर्म एचसीपी डिजाइंस (hcp design) ने तैयार किया है.
नए संसद भवन के लोकसभा (Loksabha) में 888 सदस्यों के बैठने के लिए स्पेस है. वहीं राज्यसभा (Rajyasabha) में 384 सदस्यों की बैठक की व्यवस्था की गई है. ऐसा भविष्य में सांसदों की संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है. इसके अलावा दोनों सदनों के संयुक्त सत्र के लिए एक अलग हॉल बनाया गया है, जिसमें 1280 सांसद एक साथ बैठ सकते हैं.
संसद का नया भवन भारत की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों को और समृद्ध करने का काम करेगा. यह इमारत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है जो सदस्यों को अपने काम को बेहतर ढंग से करने में मदद करेगा.
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इस भवन में पीएम और राष्ट्रपति के प्रवेश के लिए अलग एंट्रेंस है. इसमें 120 ऑफिस है जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों के दफ्तर हैं और प्रधानमंत्री का ऑफिस शामिल हैं. लोकसभा चैंबर 3015 वर्ग मीटर में फैला हुआ है जो मयूर थीम पर आधारित है.
कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के तमाम कमरों में भी हाईटेक इक्विपमेंट लगाए गए हैं. कॉमन रूम्स, महिलाओं के लिए लाउंज और VIP लाउंज की भी व्यवस्था की गई है.