देश में बड़े पैमाने पर निजीकरण की बात कर चुकी मोदी सरकार ने अब इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. केन्द्र सरकार ने साल 2025 तक सरकारी संपत्तियों के निजीकरण से 5 लाख करोड़ का फंड जुटाने की योजना बनाई है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नीति आयोग ने इसके लिए बकायदा 100 अहम सरकारी संपत्तियों की लिस्ट भी तैयार कर ली है.
इन सरकारी संपत्तियों में टोल रोड, पोर्ट, क्रूज टर्मिनल, टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस पाइपलाइन, ट्रांसमिशन टॉवर, रेलवे स्टेशन, स्पोर्ट्स स्टेडियम, माउंटेन रेलवे, ऑपरेशनल मेट्रो सेक्शन, वेयरहाउसेस और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं.
दावा किया जा रहा है कि इन 100 संपत्तियों में से करीब 70 कंपनियां घाटे में चल रही हैं. दरअसल सरकार ने साल 2025 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है लिहाजा फंड जुटाने का ये तरीका भी सरकार को रास आ रहा है.