तजाकिस्तान के दुशांबे में SCO की बैठक से इतर भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की एक अहम मुलाकात हुई. इस मुलाकात में भारत ने चीन को ये दो टूक बता दिया कि LAC विवाद लंबा खिंचने से रिश्तों में खटास ही बढ़ा रही है. हालांकि इस दौरान इस बातचीत में इस बात पर सहमति बनी है कि जल्द होने वाली अगली सैन्य कमांडर लेवल की बातचीत में उन सभी मोर्चों पर स्थिति सुलझाने का फॉर्मूला तलाशने की कोशिश करेगी, जहां अभी भी गतिरोध बरकरार है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस वार्ता के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ एलएसी पर जारी सैन्य तनाव की स्थिति के साथ साथ दोनों देशों के बीच सारे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक डॉ जयशंकर ने ये साफ कर दिया कि तनाव घटाने को लेकर सहमति के बावजूद हालातों का अनसुलझा रहना संबंधों में कड़वाहट भर रहा है. साथ ही जयशंकर ने ये भी कहा कि साल की शुरूआत में पैंगोंल झील के क्षेत्र से सैनिकों के पीछे आने के कदम ने बाकी मुद्दों के समाधान को लेकर सहायक हालात पैदा किए थे, उम्मीद की जा रही थी कि चीन इस दिशा में भारत के साथ काम भी करेगा, लेकिन पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में हालात अभी भी अनसुलझे ही हैं. दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत को लेकर सहमति बनी और 11 राउंड की बातचीत हो भी गई लेकिन अप्रैल से अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है. विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना 1988 से संबंधों के विकास का आधार रहा है.