देश में अब कोविशील्ड टीके (Covshield vaccines) की दो खुराकों के बीच गैप को 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं कि कहीं ये फैसला पर्याप्त वैक्सीन नहीं होने की वजह से तो नहीं उठाया गया है? हालांकि अब एम्स के निदेशक डॉ. गुलेरिया (Dr. Guleria, Director of AIIMS) समेत कई बड़े डॉक्टर्स ने न सिर्फ इस फैसले का बचाव किया है बल्कि सही भी बताया है. न्यूज चैनल 'टाइम्स नाउ' पर डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि उपलब्ध डेटा के आधार पर ये फैसला व्यावहारिक है.
उनसे पूछा गया था कि जब फरवरी महीने में ही लैंसेट पत्रिका (Lancet Magazine) ने डोज़ के बीच गैप को बढ़ाकर 12 हफ्ते करने की बात कही तो सरकार ने इतनी देर से फैसला क्यों लिया? जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि तब सरकार की एक्सपर्ट कमिटी के सदस्यों में आम सहमति नहीं बन पाई थी. इसके बाद कनाडा और दूसरे देशों से ज्यादा डाटा सामने आए. डॉ. गुलेरिया ने कहा कि यदि हम फरवरी में ही ऐसा करते तो फिर आलोचक पूछते की इतनी जल्दी क्या थी? पद्म भूषण से सम्मानित डॉक्टर अशोक सेठ ने भी कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने के फैसले को सही ठहराया है. उन्होंने बताया कि सिंगल डोज से भी 3 महीने तक संक्रमण से बचाव होता है.