जम्मू में भारतीय वायु सेना (IAF) स्टेशन पर हुए दो ड्रोन हमले के एक दिन बाद ही इसका मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया गया. भारत ने इस ओर विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करते हुए इस चुनौती से मिलकर निपटने का आह्वान किया है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि सामरिक और वाणिज्यिक संपत्तियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियारबंद ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर वैश्विक समुदाय को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है. सीमा पार से हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का उपयोग करने वाले आतंकवादियों को देखा है. भारत ने कहा कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ड्रोन का हथियार के तौर पर इस्तेमाल को अभी गंभीरता से नहीं लिया गया, तो भविष्य पर इस लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा.
बता दें दो दिनों पहले हीं जम्मू एयरपोर्ट के ATC और वहां पार्क MI17 जहाजों को निशाना बनाने के मकसद से आतंकियों ने ड्रोन हमले किए थे. हमले की जांच अब NIA कर रहा है.