UN Climate Report: धरती का तापमान हमारी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है, ग्लोबल वार्मिंग का खतरा (Global Warming) हमारी आशंकाओं से भी कहीं ज्यादा गहरा है. ये कहना है संयुक्त राष्ट्र की इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) की ताजा रिपोर्ट का. शहरों को ग्लोबल वॉर्मिंग का हॉटस्पॉट बताया गया है, कहा गया है कि यहां अब न पानी बचा है और न ही ग्रीनरी.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने इस रिपोर्ट को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अब तक का सबसे विस्तृत आकलन करार दिया है और सबसे बिना समय गंवाए इसपर काम करने की अपील की है.
आइए आपको बताते हैं इस रिपोर्ट की बड़ी बातें.
1. धरती अनुमान से भी कहीं ज्यादा तेजी से गर्म हो रही है. धरती का तापमान 2030 तक 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा, सभी अनुमानों से दस साल पहले. यह बड़ा खतरा है.
2. समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. 1901 से 1971 के बीच जहां ये औसत 1.3 मिमी प्रति वर्ष रहा था वहीं साल 2006-2018 के बीच ये बढ़कर 3.7 मिमी प्रति वर्ष हो गया है.
3. 1950 के बाद से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी हर साल देखी जा रही है. हीट वेव यानी लू का समय और इलाके पहले से ज्यादा बढ़ गए हैं. तो वहीं ठंड का समय लगातार कम होता जा रहा है.
4. ग्लोबल वार्मिंग के लिए हम ही जिम्मेदार हैं, हमारी बेलगाम गतिविधियां ही इसे बढ़ा रही हैं. इस पर तुरंत लगाम न लगाई गई तो इससे होने वाले नुकसान की भरपाई करना असंभव होगा.
5. पहले भीषण गर्मी, भयावह बारिश या सूखे की घटनाएं जो 10 से 50 साल में होती थीं, वे अब बेहद कम समय में होने लगी हैं. मौसम में अचानक और असामान्य बदलावों की तीव्रता बढ़ गई है.
6. ग्लोबल वार्मिंग को इस सदी के अंत तक सीमित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कार्बन उत्सर्जन में भारी और तुरंत कटौती करनी होगी. पेट्रोल-डीजल के साथ ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगानी होगी.