Narayan Rane Arrest: उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की बात कहने के बाद नारायण राणे पर कई केस दर्ज हुए, और महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार दोपहर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 20 साल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री की गिरफ्तारी हुई है.
नारायण राणे मोदी सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री हैं. इसे लेकर दिल्ली से लेकर मुंबई तक सियासती बवाल मचा है. बीजेपी का कहना है कि महाराष्ट्र पुलिस ने प्रोटोकॉल तोड़ कर ये गिरफ्तारी की है.
आइये देखते हैं कि किसी केंद्रीय मंत्री और सांसद की गिरफ्तारी को लेकर आखिर क्या प्रोटोकॉल हैं.
1. अगर संसद सत्र नहीं चल रहा है तो कैबिनेट मंत्री को उसके खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है.
2. Rules of Procedures के सेक्शन 22 A के मुताबिक संसद सत्र ना चलने के वक्त पुलिस, जज या मजिस्ट्रेट को सिर्फ राज्यसभा के सभापति को इस अरेस्ट के बारे में सूचित करना होता है.
3. ये जानकारी देनी होती है कि गिरफ्तारी की वजह क्या है और जगह क्या है.
नारायण राणे राज्यसभा सांसद हैं. जहां तक गिरफ्तारी से छूट के विशेषाधिकार की बात है तो उसके हिसाब से सिविल केस में सांसदों को गिरफ्तारी से छूट तो है, लेकिन वो कुछ बातों पर निर्भर करता है.
1. सिविल केस में सांसदों को गिरफ्तारी से छूट है, लेकिन तभी जब संसद सत्र चल रहा हो.
2. सिविल केस में संसद सत्र से 40 दिन पहले या 40 दिन बाद तक गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है.
3. हालांकि गिरफ्तारी से छूट का ये मामला क्रिमिनल या फिर प्रिवेंटिव डिटेंशन के केस में.