काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Hamid Karzai International Airport) पर हुए सीरियल ब्लास्ट की जिम्मेदारी खतरनाक आतंकी संगठन ISIS के ग्रुप ISIS-K यानी इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS- Khorasan) ने ली है.
रसियन मीडिया के मुताबिक इस ग्रुप ने अपने फिदायीन हमलावर की तस्वीर भी जारी की है. ये वो ग्रुप है जिसकी दुश्मनी तालिबान से भी है और ये खुद भी कट्टर इस्लामिक राज कायम करना चाहता है. आईएसआईएस (ISIS) के इस खुरासान मॉड्यूल ने पूर्व में कई बड़े आतंकी हमलों को भी अंजाम दिया है.
आइए जानते हैं कब और कैसे बना ISIS-K? क्या ये तालिबान से भी खतरनाक है? जानते हैं सारे सवालों के जवाब
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सवाल- क्या है ISIS खुरासान ?
जवाब- ये ISIS की ही एक शाखा है जिसे साल 2015 में बनाया गया था
तालिबान के पाकिस्तानी सहयोगियों के असंतुष्ट सदस्यों ने इसे बनाया था
इसमें आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े लोग भी शामिल हैं
इसे तालिबान और अमेरिका का कट्टर दुश्मन माना जाता है
सवाल- ये खुरासान क्या है?
जवाब- खुरासान शब्द एक प्राचीन इलाके के नाम पर आधारित है, जिसमें कभी उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईराक का हिस्सा शामिल हुआ करता था. वर्तमान में यह अफगानिस्तान व सीरिया के बीच का हिस्सा है।
सवाल- कितना खतरनाक है ISIS खुरासान?
जवाब- सीरिया में कमजोर पड़ने के बाद बगदादी के दहशतगर्द अफगानिस्तान पहुंचे इसी साल मई में काबुल में लड़कियों के स्कूल में धमाका किया था
इस हमले में 68 लोग मारे गए थे और 165 से ज्यादा घायल हुए थे
इसी साल जून में ब्रिटिश-अमेरिकी ट्रस्ट पर भी हमला किया था
इस हमले में 10 लोग मारे गए थे और 16 से अधिक घायल हुए थे
सवाल- तालिबान से कैसे हैं रिश्ते?
जवाब- तालिबान ने कई बार दावा किया है कि उसका ISIS से कोई संबंध नहीं है. ISIS-K ने बीते 19 अगस्त को कहा था- तालिबान अमेरिका का पिट्ठू है. अफगानिस्तान में तालिबान नहीं अमेरिका की जीत हुई है: ISIS-K
ISIS-K हर हाल में तालिबान को नीचा दिखाने की कोशिश में जुटा है
सवाल- कितना खतरनाक है ISIS खुरासान?
जवाब-सीरिया में कमजोर पड़ने के बाद बगदादी के दहशतगर्द अफगानिस्तान पहुंचे. इसी साल मई में काबुल में लड़कियों के स्कूल में धमाका किया था.
इस हमले में 68 लोग मारे गए थे और 165 से ज्यादा घायल हुए थे
जून में ब्रिटिश-अमेरिकी ट्रस्ट पर हमला, 10 की मौत, 16 से अधिक घायल
15 मई 2020- काबुल के बाहर मस्जिद में धमाका, 12 लोगों की मौत
नवंबर 2020 में काबुल यूनिवर्सिटी पर हमला, 35 से अधिक लोगों की मौत.